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नोहकलिकाइ पूर्वोत्तर भारत के मेघालय प्रदेश मे पूर्वी खासी हिल्स में चेरापूँजी के समीप स्थित एक जलप्रपात है। इस जल प्रपात की ऊँचाई ११०० फुट है। यह प्रपात भारत के सबसे ऊँचे झरनों में से एक है।[1] चेरापूँजी भारी वर्षा के लिये प्रसिद्ध रहा है इस प्रपात के जल का स्रोत यही वर्षा है। सर्दी के मौसम में दिसम्बर से फरवरी के मध्य वर्षा नहीं के बराबर होने से सूखे समय में यह प्रपात लगभग सूख जाता है। इस झरने के ठीक नीचे नीले-हरे रंग के जल वाले तैरने के स्थान बन गये हैं।

नोहकलिकाई जलप्रपात
Nohkalikai Falls Cherrapunji.JPG
नोहकलिकाई जलप्रपात, चेरापुञ्जी
नोहकलिकाइ की मेघालय के मानचित्र पर अवस्थिति
नोहकलिकाइ
भारत में स्थान
नोहकलिकाइ की भारत के मानचित्र पर अवस्थिति
नोहकलिकाइ
नोहकलिकाइ (भारत)
अवस्थितिपूर्वी खासी हिल्स जिला, मेघालय, भारत
निर्देशांक25°16′32″N 91°41′02″E / 25.2754719°N 91.6839791°E / 25.2754719; 91.6839791निर्देशांक: 25°16′32″N 91°41′02″E / 25.2754719°N 91.6839791°E / 25.2754719; 91.6839791
प्रकारडुबकी(प्लंज)
उन्नयन4,065 फीट (1,239 मी॰)
कुल ऊंचाई1,115 फीट (340 मी॰)
प्रपातों की संख्या1
सबसे ऊँचा प्रपातखंड1,115 फीट (340 मी॰)
कुल चौड़ाई75 फीट (23 मी॰)
औसत
प्रवाह दर
१०० cfs (२.८ मी/s)

नामकरणसंपादित करें

प्रपात के निकट स्थित सीधी खड़ी चट्टान से कभी एक स्थानीय खासी लड़की ने छलाँग लगा दी थी। उस लड़की का नाम लिकाई था जिसके नाम पर इस झरने का नाम नोहका-लिकाई पड़ा। [1]

पर्यटनसंपादित करें

 
नोहकलिकाइ जलप्रपात

पहले नोहकालीकाई प्रपात के पार सामने स्थित एक दूर के स्थान से देखा जाता था लेकिन हाल ही में नीचे जाने के लिये सीढ़ियाँ बनाई गई है जो ठीक नीचे तक ले जाती हैं। क्षेत्र के आस-पास कई भोजनालय आदि हैं जहाँ स्थानीय खासी व अन्य व्यंजन उपलब्ध होते हैं।इसके अलावा यहाँ कई छोटी दुकानें भी हैं जहाँ से क्षेत्र के स्थानीय उत्पादों के खरीद सकते हैं जैसे दालचीनी, हल्दी, लाल मिर्च, अन्य मसाले एवं स्थानीय हस्तशिल्प के उत्पाद, आदि।





सन्दर्भसंपादित करें

  1. "नोहकालीकाई झरना, चेरापूँजी". hindi.nativeplanet.com. अभिगमन तिथि 2018-08-09.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें