'पंचपरगनिया' भाषा झारखंड की एक प्रमुख क्षेत्रीय भाषा है। इस क्षेत्रीय भाषा को लिखने-पढ़ने के लिए डॉ॰ करम चन्द्र अहीर ने ‘झाड़’ लिपि तैयार किया है और साथ ही इस भाषा का व्याकरण और साहित्यिक इतिहास भी लिखा। वर्तमान में पठन-पाठन और अध्ययन का कार्य देवनागरी लिपि में ही किया जा रहा है।