पदम भारत के लद्दाख़ केन्द्रशासित प्रदेश के करगिल ज़िले की ज़ंस्कार तहसील का मुख्यालय है। इसका नाम पद्मसंभव के नाम पर पड़ा। ज़ांस्कर घाटी का यह एकमात्र नगर तथा प्रशासनिक केंद्र है। ऐतिहासिक दृष्टि से यह ज़ांस्कर साम्राज्य की दो राजधानियों में से एक था जबकि दूसरी राजधानी थी- ज़ांगला[1][2][3]

पदम (पदुम)
Padum
पदम की मुख्य सड़क
पदम की मुख्य सड़क
पदम की Ladakh के मानचित्र पर अवस्थिति
पदम
पदम
लद्दाख़ में स्थिति
निर्देशांक: 33°27′50″N 76°52′43″E / 33.463889°N 76.878611°E / 33.463889; 76.878611निर्देशांक: 33°27′50″N 76°52′43″E / 33.463889°N 76.878611°E / 33.463889; 76.878611
ज़िलाकारगिल ज़िला
तहसीलज़ंस्कार
प्रान्तलद्दाख़
देशFlag of India.svg भारत
ऊँचाई3669 मी (12,037 फीट)
जनसंख्या (2012)
 • कुल25,000
भाषाएँ
 • प्रचलितलद्दाख़ी, हिन्दी
समय मण्डलभारतीय मानक समय (यूटीसी+05:30)
पिनकोड194302
वेबसाइटhttp://www.kargil.nic.in/
Padum hill (top right corner) as seen from Pibiting village
Looking south midway between Padum and Pibiting

आवागमनसंपादित करें

यहाँ तक पहुँचने के लिए फिलहाल एक ही संपर्क मार्ग (लिंक रोड) है - राष्ट्रीय राजमार्ग 01 डी, जो कि इसे कारगिल से होते हुए बाकी देश से जोड़ता है। कारगिल शहर से पदम की दूरी 240 किलोमीटर है। मनाली लेह राजमार्ग पर स्थित हिमाचल प्रदेश के दारचा और पदुम के बीच एक ट्रेक भी है तथा सड़क निर्माण का कार्य जारी है।

भूगोलसंपादित करें

पदम तीन तरफ फैली हुई ज़ांस्कर घाटी के केंद्र में स्थित है।[4] यहाँ की औसत ऊँचाई 3,657 मीटर (11,998 feet) है।

जनसांख्यिकीसंपादित करें

पदम की जनसंख्या लगभग 1,000 है। [5] पदम में अधिकतर लोग तिब्बती बौद्ध हैं। लगभग ४०% आबादी मुस्लिम भी है जो मूलतः बल्तिस्तानी हैं तथा १७वीं शताब्दी से यहाँ बसे हुए हैं।

नगरसंपादित करें

उप-खंड मुख्यालय पदम ज़ंस्कार खंड का नगर है जो जम्मू कश्मीर के कारगिल जिले में स्थित है।

ज़ंस्कार नदी वादी में बहती है और इसका स्रोत पेंसी ला का द्रांग द्रूंग ग्लेसियर है।

ज़ंस्कार नदी पिबिटिंग गाँव के निकट लुंगनाक नदी में जाकर मिलती है।

पदम के निकट कई उल्लेखनीय बौद्ध आश्रम हैं जिनमें बर्दन आश्रम और कुर्शा आश्रम शामिल हैं। उनके अलावा नवनिर्मित दलाई लामा फोटांग भी है।

मार्गसंपादित करें

बस से: यहाँ बस का विवरण पहली जुलाई से लेकर सितम्बर की १५ तक ही लागू होती हैं। इसके पश्चात मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग औपचारिक रूप से बंद पड़ जाता है। दूसरी सड़कें जिनमें लेह से श्रीनगर का कारगिल से होता राजमार्ग अकतूबर के अंत तक खुला होता है। ज़बरदस्त बर्फ़बारी के बावजूद भी लेह से नुबरा वादी की सड़क जो खुरदुंग ला की ऊँचाई से होकर गुज़रती है, पूरे साल खुली रहती है।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Janet Rizvi. (1996). Ladakh: Crossroads of High Asia. Second Edition. Oxford University Press, Delhi. ISBN 0-19-564546-4.
  2. Osada et al. (2000). Mapping the Tibetan World. Yukiyasu Osada, Gavin Allwright, and Atsushi Kanamaru. Reprint: 2004. Kotan Publishing, Tokyo. ISBN 0-9701716-0-9.
  3. Schettler, Margaret & Rolf (1981). Kashmir, Ladakh & Zanskar. Lonely Planet Publications. South Yarra, Victoria, Australia. ISBN 0-908086-21-0.
  4. Osada et al (2000), p. 298.
  5. Osada et al (2000), p. 298.