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पनमना रामचंद्रन नायर एक मलयालम लेखक, शिक्षाविद्, आलोचक, अनुवादक और विद्वान थे। उन्होंने 20 से अधिक पुस्तकें लिखी थीं जिसमें 5 पुस्तकें मलयालम भाषा के सही उपयोग पर है।भाषा और साहित्य में उनके योगदान के लिए उन्हें केरल साहित्य अकादमी द्वारा स्थापित ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया था। 5 जून, 2018 को उनका निधन हो गया।[1]

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