परमार (पंवार) एक राजपूत[1] गोत्र है जो अपने को अग्निवंशी क्षत्रिय मानते हैं। एक गड़रिया जाति भी परमार उपनाम लगाती है और स्वयं को राजपूत वंशज मानती है। और यह एक जाट[2][3] गोत्र भी है। 'परमार' के साथ ही इसके अन्य रूप भी हैं- प्रमार, पवार, पोवार, पंवार, और पोंवार आदि।

संदर्भसंपादित करें

  1. Anthropometric Measurements of Maharashtra (iravati karve(Mrs).Vishnu Mahadev Dandekar) S.M.katre ,1951.anthropometry.p.37
  2. Nijjar, Bakhshish Singh (2008). Origins and History of Jats and Other Allied Nomadic Tribes of India: 900 B.C.-1947 A.D. (अंग्रेज़ी में). Atlantic Publishers & Dist. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-269-0908-7.
  3. भीम सिंह दहिया (1980). Jats the Ancient Rulers (A clan study) [प्राचीन जाट शासक (एक गोत्र अध्ययन)] (अंग्रेज़ी में). आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-1895603026.

इन्हें भी देखेंसंपादित करें