यदि किसी वास्तविक संख्या को दो पूर्ण संख्याओं के अनुपात के रूप में व्यक्त किया जा सकता है तो उसे परिमेय संख्या (Rational number) कहते हैं। अर्थात कोई संख्या , जहाँ p और q दोनों पूर्ण संख्याएं हैं और जहाँ , एक परिमेय संख्या है। १, २.५, ३/५, ०.७ आदि परिमेय संख्याओं के कुछ उदाहरण हैं। इसे भिन्न संख्याये भी कहते है।

परिमेय संख्या से संबंधित प्रमेय- यदि x एक परिमेय संख्या है जिसका दशमलवीय विस्तार सांत (terminating) है। तब x को p बटा q के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ p तथा q असहभाज्य संख्याएँ हैं तथा q का अविभाज्य गुणन खंड २-घात-n गुणे ५-घात-m के रूप में है जहाँ n और m गैर-ऋणात्मक पूर्णांक हैं।

जो वास्तविक संख्याएं परिमेय नहीं होतीं, उन्हें अपरिमेय संख्या (Irrational number) कहते हैं; जैसे √२, पाई, e (प्राकृतिक लघुगणक का आधार), ८ का घनमूल आदि।

{{संख्या सिद्धान्