पहिया (wheel) किसी भौतिक वस्तु में लगा हुआ एक गोल आकार का ऐसा अंश होता है जो अपने बीच में स्थित के खुले स्थान में किसी धुरी (ऐक्सल) पर टिका हुआ हो और घूम सके। मानव-कृत पहिये अक्सर वाहनों में नीचे लगे होते हैं जहाँ वह भार ढोने के साथ-साथ धरती पर लुड़क कर वाहन को चलाने का काम भी करते हैं। आधुनिक वाहनों में हवा से भरे रबर के पहिये होते हैं जो टायर कहलाते हैं। क्योंकि पहिये गति और समय की चाल का प्रतीक हैं इसलिये हिन्दू, बौद्ध, सिखजैन धर्मों में इन्हें चिन्हों के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।[1][2]

सबसे प्राचीन पहिये ठोस लकड़ी के टुकड़ों से बने हुए थे

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. D. T. Potts (2012). A Companion to the Archaeology of the Ancient Near East. p. 285.
  2. Anthony, David A. (2007). The horse, the wheel, and language: how Bronze-Age riders from the Eurasian steppes shaped the modern world. Princeton, N.J: Princeton University Press. p. 67. ISBN 0-691-05887-3.