पार्श्ववीथी (अंग्रेज़ी: aisle, आइल), जिसे कभी-कभी गलियारा भी कह दिया जाता है, किसी कक्ष या अन्य बन्द स्थान में कुर्सियों की दो कतारों में बीच में चलने के लिए छोड़ी गई जगह को कहते हैं। यह कमरों के अलावा विमान जैसे स्थानों पर भी हो सकती है। कभी-कभी यह एक दीवार और कुर्सियों की कतार के बीच या फिर वस्तुओं की दो ढेरियों के बीच भी हो सकती है।[1]

कॉलेज के एक लेक्चर हॉल में सीढ़ियों वाली पार्श्ववीथी

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Walter Horn, 'On the Origins of the Medieval Bay System', in: Journal of the Society of Architectural Historians 17 (1958), nr. 2, p. 2–23.