पिएर पॉल प्रूधों (Pierre-Paul Prud'hon ; १७५८-१८२३) नेपोलियन का दरबारी कलाकार था।

स्वचित्र

प्रूधों का जन्म क्लूने में हुआ था। दीजों अकादमी में उसने चित्रकला की प्रारंभिक शिक्षा पाई। १७८० में वह पेरिस चला गया। बर्गडी का रोम पुरस्कार जीता। वह इटली में भी रहा। वहाँ उसकी कला पर रैफेल, करेज्जिओं तथा लियोनादों की कला का यथेष्ट प्रभाव पड़ा। १७८७ में वह पेरिस वापस आया और नेपोलियन के दरबार का कलाकार बना। वहाँ उसका मुख्य काम था नेपोलियन की रानियों को चित्रकला सिखाना तथा उनके चित्र बनाना।

गृहसज्जा के चित्र बनाने में भी उसे विशेष अभिरुचि थी।

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