पीड़ा (Suffering) कष्ट, दर्द या दुख के अनुभव को कहते हैं जो किसी व्यक्ति को हानि होने या हानि होने के ख़तरे की स्थिति के साथ सम्बन्धित होती है। पीड़ा का विपरीत आनंद या प्रसन्नता है।[1][2]

स्वीडन के एक नाटकभावन के ऊपर लगा पीड़ा दर्शाता हुआ एक मुखौटा

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Joseph A. Amato. Victims and Values: A History and a Theory of Suffering. New York: Praeger, 1990. ISBN 0-275-93690-2
  2. Jamie Mayerfeld. Suffering and Moral Responsibility. New York: Oxford University Press, 2005. ISBN 0-19-515495-9