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पुकार (2000 फ़िल्म)

2000 की राजकुमार संतोषी की फ़िल्म

पुकार 2000 की राजकुमार संतोषी द्वारा निर्देशित और सह-लिखित एक्शन नाटकीय हिन्दी भाषा की भारतीय फिल्म है। इसमें अनिल कपूर, माधुरी दीक्षित, नम्रता शिरोडकर, डैनी डेन्जोंगपा, शिवाजी साटम और ओम पुरी मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसने दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते, जिनमें राष्ट्रीय एकता पर सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के लिए नर्गिस दत्त पुरस्कार और मेजर जयदेव राजवंश के रूप में अनिल कपूर के प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार शामिल था। पार्श्व संगीत और गीतों के लिये संगीत ए आर रहमान द्वारा रचित थे।

पुकार
पुकार.jpg
पुकार का पोस्टर
निर्देशक राजकुमार संतोषी
निर्माता सुरिन्द्र कपूर
बोनी कपूर
भारत शाह
पटकथा राजकुमार संतोषी
अंजुम राजाबाली
अभिनेता अनिल कपूर,
माधुरी दीक्षित,
नम्रता शिरोडकर,
ओम पुरी,
डैनी डेन्जोंगपा
संगीतकार ए॰ आर॰ रहमान
प्रदर्शन तिथि(याँ) 4 फरवरी, 2000
देश भारत
भाषा हिन्दी

सारांशसंपादित करें

मेजर जयदेव "जय" राजवंश (अनिल कपूर) और उनके साथी अधिकारी एक प्रमुख राजनेता को बचाने के साथ-साथ उनके अपहरणकर्ता, अब्रुश (डैनी डेन्जोंगपा) को पकड़ने में कामयाब रहते हैं। यह आतंकवादी वर्षों से भाग रहा था और अंत में वह दो अधिकारियों द्वारा पकड़ लिया जाता है। जय का खुशी से स्वागत किया जाता है और उसे राष्ट्रीय नायक घोषित किया जाता है।

वह सेना से छुट्टी लेता है और अपने शहर लौटता है। वहाँ वह अपने बचपन की दोस्त अंजली (माधुरी दीक्षित) से मिलता है जो हमेशा से जय से प्यार करती है। अंजलि जय की छुट्टियों में अधिकांश समय उसके साथ रहना चाहती है और उसके करीब आने की कोशिश करती है। एक पार्टी में, जय तत्कालीन मिस इंडिया, पूजा मल्लापा (नम्रता शिरोडकर) से मिलता है। जैसे-जैसे वे साथ अधिक समय बिताते हैं, वे प्यार में पड़ने लगते हैं।

जय के माता-पिता उसकी शादी अंजलि से तय कर देते हैं, पर जब उन्हें पता चलता है कि जय और पुजा एक दूसरे से प्यार करते हैं तो वो ये सब अंजलि को बता देते हैं। अंजलि का दिल टूट जाता है और वो इसका बदला लेने के बारे में सोचती है। अब्रुश इसका फायदा उठाने की कोशिश करता है। वे दोनों मिल कर जय की पूरी जिंदगी तबाह करने की साज़िश रचते हैं।

अंजलि उसके लिए कुछ गुप्त दस्तावेज़ चोरी कर लेती है और इस तरह उन दोनों के कारण जय का कोर्ट मार्शल हो जाता है और उसे देशद्रोही घोषित कर दिया जाता है। परिवार वालों के कारण पूजा उसे अकेला छोड़ देती है। जय खुद ही अपने आप को बेगुनाह साबित करने की कोशिश में लग जाता है। अंजलि को अपनी भूल का एहसास होता है और वो जय की मदद करने की कोशिश करती है। बेगुनाह साबित होने के बाद वो अंजलि को माफ कर देता है और प्यार का इकरार भी कर देता है।

मुख्य कलाकारसंपादित करें

संगीतसंपादित करें

सभी ए॰ आर॰ रहमान द्वारा संगीतबद्ध।

क्र॰शीर्षकगीतकारगायकअवधि
1."सुनता है मेरा ख़ुदा"मजरुह सुल्तानपुरीउदित नारायण, कविता कृष्णमूर्ति, स्वर्णलता6:36
2."के सेरा सेरा"जावेद अख्तरशंकर महादेवन, कविता कृष्णमूर्ति7:05
3."किस्मत से तुम"मजरुह सुल्तानपुरीसोनू निगम, अनुराधा पौडवाल6:33
4."एक तू ही भरोसा"मजरुह सुल्तानपुरीलता मंगेश्कर, बच्चे6:37
5."हमराही जब हो मस्ताना"मजरुह सुल्तानपुरीउदित नारायण, हेमा सरदेसाई4:29
6."है जाना है जाना"जावेद अख्तरसुजाता मोहन4:19

नामांकन और पुरस्कारसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें