पोस्टकार्ड एक मोटे कागज या पतले गत्ते से बना एक आयताकार टुकड़ा होता है जिसे संदेश लिखने के लिए प्रयोग किया जाता है, साथ ही इसे बिना किसी लिफाफे में बंद किये, डाक द्वारा भेजा भी जा सकता है। अधिकतर देशों में इसका शुल्क एक लिफाफे के (जिस पर डाक टिकट चिपकाई गयी हो) द्वारा भेजे गये एक पत्र की तुलना में कम होता है। पोस्टकार्ड का आविष्कार ऑस्ट्रिया में १८६९ को हुआ था।[1] आस्ट्रिया में यह इतना लोकप्रिय हुआ कि इसकी देखा देखी अन्य देशों ने भी इसे अपनाने में देरी नहीं की। ब्रिटेन ने १८७२ में अपना पहला पोस्टकार्ड जारी किया तो भारत का पहला पोस्टकार्ड 1879 में जारी किया गया। भारत के पहले पोस्टकार्ड की कीमत तीन पैसे रखी गयी थी। साल की पहली तीन तिमाही में ही लगभग 7.5 लाख रुपए के पोस्टकार्ड बेचे गए थे। पहला चित्रित पोस्टकार्ड फ्रांस ने 1889 में जारी किया था और इस पर एफिल टॉवर अंकित था। पोस्टकार्डों के संग्रहण और अध्ययन को अंग्रेजी में डेल्टियोलॉजी कहते हैं।

१८९० में प्रयुक्त एक ब्रिटिश पोस्टल कार्ड

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  1. http://jaihindi.blogspot.com/2009/07/blog-post_29.html Archived 29 सितंबर 2011 at the वेबैक मशीन., कहानी पोस्टकार्ड की