पौरव

पौरव वंश का इतिहास या पर्वताकार वंश उत्तराखंड का राजवंश है. पौरव वंश के प्रथम शासक विष्णुवर्मन प्

पौरव झेलम नदी के पास ही का राज्य है। इस साम्राज्य को पौरवराष्ट्र भी कहते हैं।

पौरव
अज्ञात–250-100 ईसा पूर्व
Location of the Pauravas relative to other groups: the Audumbaras, the Kunindas, the Vemakas, the Vrishnis, the Yaudheyas and the Arjunayanas.[कृपया उद्धरण जोड़ें]
राजधानी झेलम नगर
धार्मिक समूह हिन्दू
शासन प्रणाली निर्दिष्ट नहीं
इतिहास
 -  स्थापित अज्ञात
 -  अंत 250-100 ईसा पूर्व
आज इन देशों का हिस्सा है:  भारत
 पाकिस्तान (वर्तमान झेलम शहर)
Warning: Value specified for "continent" does not comply

पौरव के राजा-महाराजासंपादित करें

पौरव पर बहुत राजा-महाराजा राज करके गए है पर उनमे से मुख्य थे राजा पुरू,राजा भारत,राजा बमनी,राजा पोरस,राजा मालायकेतुभद्रकेतु । पौरव के राजाओं के परिवार को पौरव राजपरिवार कहते थे।

सुन्दरसंपादित करें

सिकन्दर महान के आक्रमण के समय पौरव बहुत ही सुन्दर था। पौरव को तब पौरव राष्ट्र कहा जाता था। पौरव का मुख्य रन्ग नीला था जिससे राज्य को नील सदन भी कहा जाता था। यहाँ के घर नीले रन्ग के थे। सैनिक भी नीली वरदी पहनते थे। राज्य का हर व्यक्ति नीले कपड़े पहना करता था। राजा पोरस के पिता राजा बमनी ने सभी राजायो से ज़्यादा पौरव राष्ट्र पर राज किया था।

सन्दर्भसंपादित करें