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प्रजा परिषद् भारत का एक राजनैतिक दल था जिसने जम्मू तथा कश्मीर को भारत के संविधान में विशेष दर्जा (धारा ३७०) देने के विरुद्ध संघर्ष किया। पंडित प्रेम नाथ डोगरा ने बलराज मधोक के साथ मिल कर प्रजा परिषद का गठन किया था। प्रजा परिषद ने नारा दिया, देश में दो प्रधान, दो विधान, दो निशान : नहीं चलेंगे, नहीं चलेंगे। १९७० में इस दल का भारतीय जनसंघ में विलय हो गया।

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