प्रतिज्ञायौगन्धारायण भास द्वारा रचित नाटक है इसमें 4 अंक है

यह स्वप्नासवदत्त नाटक के पहले की कथा है जिसमें प्रद्योत महासेन द्वारा उदयन को बन्दी बनाना ,उदयन द्वारा वासवदत्ता को घोषवती वीणा सीखना तथा यौगन्धारायण द्वारा दो दुष्कर प्रतिज्ञा करना इस नाटक की मुख्य विषय वस्तु है।।।।।