किसी पदार्थ में उत्पन्न प्रतिबल तथा विकृति के बीच सम्बन्ध उस पदार्थ का प्रतिबल-विकृति वक्र (stress–strain curve) कहलाता है। यह वक्र, प्रत्येक पदार्थ के लिए अद्वितीय होता है। इस ग्राफ को बनाने के लिए उस पदार्थ के एक नमूने पर अलग-अलग प्रतिबल (तनन प्रतिबल या सम्पीडक प्रतिबल) लगाया जाता है और उसके संगत विकृति को लिख लिया जाता है। इस वक्र की सहायता से उस पदार्थ के कई गुणधर्म प्राप्त हो जाते हैं, जैसे यंग मापांक (Modulus of Elasticity, E) ।

निर्माण में प्रयुक्त स्टील का सामान्य प्रतिबल-विकृति वक्र
Fig.1: अलौह मिश्रातुओं का सामान्य प्रतिबल-विकृति वक्र
1: प्रत्यास्थता (समानुपातिकता) सीमा
2: Offset yield strength (0.3 proof strength)

अधातुओं के प्रतिबल-विकृति वक्र

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बैकलाइट
 
नाइलोन


 
उच्च घनत्व पॉलीथीन
 
रबर
 
प्रतिबल-विकृति वक्र के आंकड़े प्राप्त करने के लिए प्रयुक्त उपकरण

इन्हें भी देखें

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