प्रतिमोच्यता (Fungibility, फ़ंजिबिलिटी) किसी ऐसे प्रकार के माल या जिन्स जिसकी इकाईयाँ एक-दूसरे से सरलता से बदली जा सकें। उदाहरण के लिये एक किलो लोहा की एक इकाई किसी भी अन्य एक किलो लोहे के लगभग बराबर ही मानी जा सकती है। तेल, गेंहू, दस रुपये के नोट, इत्यादि ऐसी अन्य प्रतिमोच्य चीज़ों के उदाहरण हैं।[1]

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Bartram, Söhnke M.; Fehle, Frank R. (March 2007). "Competition without Fungibility: Evidence from Alternative Market Structures for Derivatives Archived 20 दिसम्बर 2015 at the वेबैक मशीन.". Journal of Banking and Finance 31 (3): 659–677. doi:10.1016/j.jbankfin.2006.02.004.