प्रत्यक्ष लोकतंत्र या सीधा लोकतंत्र में सभी नागरिक सारे महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों पर मतदान करते हैं।

इसे प्रत्यक्ष कहा जाता है क्योंकि सैद्धांतिक रूप से इसमें कोई प्रतिनिधि या मध्यस्थ नहीं होता। सभी प्रत्यक्ष लोकतंत्र छोटे समुदाय या नगर-राष्ट्रों में हैं।

इसे सीधा कहा जाता है क्योंकि ये लोकतंत्र का साधारण/सरल रूप है। इसमें जनता"आरम्भिक" व "लोकनिर्णय" के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से भागीदारी करती है।प्रत्यक्ष लोकतंत्र के चार मुख्य औजार है- परिपृच्छा( Referendum) पहल( Initiative) प्रत्यावर्तन या प्रत्याशी को वापस बुलाना(recall) तथा जनमत संग्रह(plebiscite)

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