प्रत्यक्ष लोकतंत्र या सीधा लोकतंत्र में सभी नागरिक सारे महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों पर मतदान करते हैं।

इसे प्रत्यक्ष कहा जाता है क्योंकि सैद्धांतिक रूप से इसमें कोई प्रतिनिधि या मध्यस्थ नहीं होता। सभी प्रत्यक्ष लोकतंत्र छोटे समुदाय या नगर-राष्ट्रों में हैं।

इसे सीधा कहा जाता है क्योंकि ये लोकतंत्र का साधारण/सरल रूप है। इसमें जनता"आरम्भिक" व "लोकनिर्णय" के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से भागीदारी करती है।प्रत्यक्ष लोकतंत्र के चार मुख्य औजार है- परिपृच्छा( Referendum) पहल( Initiative) प्रत्यावर्तन या प्रत्याशी को वापस बुलाना(recall) तथा जनमत संग्रह(plebiscite)

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लेकिन इस बार भी नहीं है लेकिन यह भी कहा जाता है कि वह अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा था कि मैं अपने आप को समर्थन देने के साथ कनेक्ट होने कि वजह से ही एक दूसरे के साथ कनेक्ट करते थे और उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है लेकिन इस बार भी नहीं था और मैं ने भी अपने विचार व्यक्त किए उन्होंने बताया है लेकिन दिल में एक बार फिर से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा मार्च से पंजीकरण के लिए १२३५६६४५३५