प्रदीप्त बत्ती या प्रदीप्त नलिका या फ्लोरिसेण्ट लैम्प एक 'गैस-डिस्चार्ज बत्ती' (gas-discharge lamp) है जिसमें पारे के वाष्प को इक्साइट (excite) करने के लिये विद्युत विभव का उपयोग किया जाता है। यह समान मात्रा में प्रकाश पैदा करने के लिये साधारण बल्ब (इन्कैण्डिसेन्ट लैम्प) की तुलना में कम बिजली खाता है। किन्तु इन्का आकार बड़ा होता है, इन पर शुरुआत में अधिक पैसा खर्च करना पड़ता है तथा इनमें पारा मर्करी की एक सूक्ष्म मात्रा भी होती है जो पर्यावरण को नुकसान पहुँचाती है। इसमें आर्गन गैस भरी रहती है।[1][2].[3][4]

जगमगाते हुए प्रदीप्त लैम्प
तरह-तरह की प्रदीप्त बत्तियाँ

विद्युत संयोजन (कनेक्सन)

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ट्यूबलाइट का विद्युत परिपथ, चोक एवं स्टार्टर सहित
 
प्रदीप्त बत्ती के लिये 'इलेक्ट्रानिक चोक' (अनुनादी इन्वर्टर पर आधारित)

इन्हें भी देखें

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  1. "Mercury-containing Lights and Lamps as Universal Waste". Washington State Department of Ecology. मूल से 4 जून 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 11 June 2016.
  2. M. A. Laughton. Electrical Engineer's Reference Book Sixteenth Edition, Newnes, 2003 ISBN 0-7506-4637-3, pp. 21-12.
  3. Mercury-Containing Light Bulb (Lamp) Recycling | Universal Waste | US EPA Archived 2015-06-29 at the वेबैक मशीन.
  4. Gribben, John; "The Scientists; A History of Science Told Through the Lives of Its Greatest Inventors"; Random House; 2004; pp 424–432; ISBN 978-0-8129-6788-3

बाहरी कड़ियाँ

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