प्रायापिज़्म

अत्याधिक समय के लिए लिंग के खड़े रहने की मेडिकल परिस्थिति

प्रायापिज़्म (प्राचीन यूनानी: πριαπισμός, अंग्रेजी: Priapism), एक संभावित रूप से हानिकारक और अति पीड़ाजनक चिकित्सा अवस्था है जिसके अंतर्गत एक स्तंभित शिश्न या भगशेफ[1], किसी शारीरिक या मनोवैज्ञानिक या फिर दोनो प्रकार के उत्प्रेरण की अनुपस्थिति के बावजूद, स्तंभन के चार घंटे के दौरान वापस अपनी शिथिलावस्था प्राप्त नहीं करते। प्रायापिज़्म दो प्रकार के होते हैं, निम्न-प्रवाह और उच्च-प्रवाह और दोनो के लिए अलग अलग उपचार है। प्रायापिज़्म एक आपातकालीन चिकित्सा अवस्था है और इसका किसी योग्य चिकित्सक से तत्काल और उचित उपचार होना चाहिए। शीघ्र उपचार कार्यात्मक स्वास्थ्य लाभ के लिए आवश्यक है।

प्रायापिज़्म
वर्गीकरण एवं बाह्य साधन
आईसीडी-१० N48.3
आईसीडी- 607.3
डिज़ीज़-डीबी 25148
ईमेडिसिन med/1908 
एम.ईएसएच D011317

प्रायापिज़्म का नाम यूनानी देवता प्रायापस, के नाम पर पड़ा है जो अपने अति विशाल और स्थायी स्तंभन के लिए विख्यात था।

प्रायापस

कारणसंपादित करें

जटिलतायेंसंपादित करें

उपचारसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. PMID 19561754 (PubMed)
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बाहरी कड़ियाँसंपादित करें