राजकीय दीक्षा विद्यालय, गोरखपुर वह विद्यालय है जहाँ उपन्यास सम्राट प्रेमचंद ने अपनी पहली नौकरी की थी। यह विद्यालय उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्थित है। यहाँ उन्होंने १९ अगस्त १९१६ से २६ फ़रवरी १९२१ तक सहायक अध्यापक के पद पर कार्य किया। वे इस विद्यालय के छात्रावास अधीक्षक भी थे और विद्यालय परिसर में ही बने एक मकान में रहते थे। प्रेमचंद को सम्मानित करते हुए इस विद्यालय के उनके कमरे को प्रेमचंद साहित्य संस्थान में परिवर्तित कर दिया है। प्रेमचंद ने महात्मा गांधी की स्वतंत्रता आंदोलन की पुकार पर इस नौकरी से त्यागपत्र दे दिया था।