भौतिकी में, प्रेरित गामा उत्सर्जन (induced gamma emission (IGE)) से उस गामा विकिरण को कहते हैं जो उत्तेजित नाभिकों से प्रतिदीप्त उत्सर्जन (fluorescent emission) की प्रक्रिया द्वारा उत्पन्न होता है। यह परम्परागात प्रतिदीप्ति जैसा ही है जिसमें किसी परमाणु या अणु के उत्तेजित इलेक्ट्रॉन द्वारा फोटॉन का उत्सर्जन होता है। नाभिकीय समस्थानिक, नाभिकीय प्रतिदीप्तिकारक पदार्थ जैसा व्यवहार करते हैं क्योंकि ये उत्तेजन ऊर्जा का सार्थक मात्रा में पर्याप्त समय तक संचयन कर सकते हैं। वैसे तो ८०० से अधिक नाभिकीय समस्थानिक ज्ञात हैं किन्तु वे इस काम के लिए उपयोगी नहीं हैं क्योंकि वे अत्यधिक मात्रा में अन्तर्निहित रेडियोसक्रियता वाले हैं। सन २००६ तक दो नाभिकीय समस्थानिक प्रस्तावित थे जो प्रेरित गामा उत्सर्जन के लिए उपयुक्त माने गए थे- टैन्टलम-180m तथा हैफनियम-178m2 (hafnium-178m2)।