प्रौद्योगिक नियतत्ववाद (Technological determinism) एक प्रौद्योगिकी सम्बन्धी सिद्धान्त है जिसकी मान्यता यह है कि किसी समाज के पास मौजूद प्रौद्योगिकी, उस समाज के सामाजिक संरचना एवं सांस्कृतिक मूल्यों के विकास को निर्धारित करता है। प्रौद्योगिकीय नियतत्ववाद यह समझने की कोशिश करता है कि मानव के कार्यों एवं उसके विचारों को प्रौद्योगिकी ने किस प्रकार प्रभावित किया है। प्रौद्योगिकी में परिवर्तन, समाज में परिवर्तन का प्रमुख कारक है।

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इन्हें भी देखेंसंपादित करें