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प्रौद्योगिकीय राष्ट्रवाद (Technological nationalism) इस बात को समझने का एक तरीका है कि प्रौद्योगिकी किस प्रकार किसी राष्ट्र के समाज एवं संस्कृति को प्रभावित करती है। उदाहरण के लिये किसी राष्ट्रवादी परियोजना में प्रौद्योगिकी का मुख्य विषय के रूप में उपयोग करना, जिसका लक्ष्य सम्बद्धता (कनेक्टेदनेस) को बढ़ाना तथा राष्त्रीय पहचान को और अधिक मजबूत करना हो। प्रौद्योगिकीय राष्ट्रवाद यह मानती है कि किसी देश की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह देश प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कितनी अच्छी तरह नवप्रवर्तन करता है और अपने देशवासियों में प्रौद्योगिकी का कितना प्रचार-प्रसार कर पाता है। प्रौद्योगिकीय राष्ट्रवादी यह मानते हैं कि राष्ट्रीय अनुसंधान एवं विकास (R&D) की परियोजनाएँ शुरू करना तथा इन परियोजनाओं को प्रभावी बनाना, किसी देश के सम्पूर्ण विकास, टिकाऊपन तथा समृद्धि के लिये आवश्यक हैं।

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