प्लैंक स्थिरांक

शारीरिक निरंतर कार्रवाई की मात्रा का प्रतिनिधित्व
h का मान मात्रक संदर्भ
6.62606957(29)×१०−34 J·s [1]
4.135667515(91)×१०−15 eV·s [1]
2π EP·tP
Values of ħ Units Ref.
1.054571726(47)×१०−34 J·s [1]
6.58211928(15)×१०−16 eV·s [1]
1 EP·tP def
hc के मान मात्रक सन्दर्भ
1.98644568×१०−25 J·m
1.23984193 eV·μm
EP·P

प्लांक स्थिरांक (अंग्रेज़ी: Planck constant) भौतिकी का एक सार्वभौमिक ब्रह्मांडीय नियतांक है जिसको सर्वप्रथम जर्मनी के महान भौतिक वैज्ञानिक मैक्स प्लांक ने सन 1900 में प्रस्तुत किया था, उनके नाम पर ही इस नियतांक का नाम प्लांक नियतांक रखा गया तथा इस नियातांक को रोमन लिपि के अक्षर h से दर्शाया जाता है। इस नियतांक का मान 6.62607015×10−34 जूल×सेकंड होता है।

बर्लिन के हम्बोल्ट विश्वविद्यालय का पट्त : १८८९ से १९२८ तक मैक्स प्लांक ने यहीं अध्यापन किया था।

कृष्णिका विकिरण को समझाने के लिए वैज्ञानिक मैक्स प्लांक ने सन 1900 में क्वांटम सिद्धांत प्रतिपादित किया जिसमे उन्होंने प्लांक स्थिरांक h दिया तथा बताया की द्रव्य तथा विकिरण के बीच ऊर्जा का लेने देन सतत ना होकर असतत रूप से ऊर्जा के छोट टुकड़ों या कणों के रूप में होता है जिन्हें फोटॉन या क्वांटा कहते हैं। इस सिद्धांत के अनुसार प्रत्येक फोटोन की ऊर्जा hv होती है, जिसमे h प्लांक स्थिरांक है तथा v विकिरण की आवृत्ति है।

इसी प्लांक स्थिरांक का प्रयोग करके सन 1905 में महान भौतिक वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टाइन ने भी प्रकाश विद्युत प्रभाव का व्याख्यान दिया था।

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. P.J. Mohr, B.N. Taylor, and D.B. Newell (2011), "The 2010 CODATA Recommended Values of the Fundamental Physical Constants" (Web Version 6.0). This database was developed by J. Baker, M. Douma, and S. Kotochigova. Available: http://physics.nist.gov Archived 2017-12-01 at the Wayback Machine [Thursday, 02-Jun-2011 21:00:12 EDT]. National Institute of Standards and Technology, Gaithersburg, MD 20899.