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फुल्लेरीन् कार्बन का एक आधुनिक अपरूप है जिसका खोज 1985 में हेरॉल्ड क्रोटो तथा प्रो. रिचर्ड स्मॉले ने की थी ।

सर्वप्रथम 60 कार्बन परमाणु वाला फुल्लेरीन् अपरूप का खोज हुआ, तो पाया गया कि इसके कार्बन परमाणु फुटबॉल के आकृति के रूप व्यवस्थित होते हैं ।

फुल्लेरीन् की ज्यामितीय आकृति, अमेरिका के एक इंजीनियर और वास्तुकार आर. बकमिंस्टर फुलर द्वारा निर्मित जियोडेसिक गुंबद के समान होने के कारण इसका नाम बकमिंस्टर फुल्लेरीन् रखा गया।

फुल्लेरीन् की संरचना फुटबॉल के समान 20 फलकीय है,इसमें उन सभी बिंदुओं पर जहाँ फुटबॉल पर की सभी रेखाएं मिलती है,एक-एक कार्बन परमाणु रहता है ।

इसलिए इसे बकिबॉल के नाम से भी जाना जाता है।

इसमें 20 फलस्क के साथ-साथ  12 पंचभुज की आकृति भी होती है ।

यह एक काला ठोस पदार्थ है।

आजकल C-70 C-90 तथा C-120 कार्बन परमाणु वाले फुल्लेरीन् की खोज की जा चुकी है,तथा इसका प्रयोग कार्बन नैनो ट्यूब के रूप में किया जा रहा है।

कुछ फुल्लेरीन् विद्युत के चालक भी होते हैं।

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