बनिहाल दर्रा हिमालय का एक प्रमुख दर्रा हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 1अ एनएच1ए इस दर्रे से होकर निकलता है। यही दर्रा कश्मीर घाटी को जवाहर सुरंग के माध्यम से जम्मू के रास्ते शेष भारत से जोड़ता है।

बनिहाल दर्रा
ऊँचाई 2,832 m (9,291 ft)
स्थिति
शृंखला पीर पंजाल, हिमालय
निर्देशांक 33°31′N 75°16′E / 33.517°N 75.267°E / 33.517; 75.267निर्देशांक: 33°31′N 75°16′E / 33.517°N 75.267°E / 33.517; 75.267

बनिहाल दर्रा हिमालय की पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला पर है, जिसे चीरते हुए भारत की सबसे बड़ी सुरंग के रास्ते, जून २०१३ में क़ाज़ीगुंड से बनिहाल तक, रेल सेवा शुरु कर दी गयी है।[1]

बनिहाल पीर पंजाल पर्वतश्रेणी का एक दर्रा है, जो जम्मू कश्मीर राज्य में स्थित है। समुद्र तल से 2832 मीटर (9291 फीट) की ऊँचाई पर पीर पंजाल श्रेणी में स्थित यह दर्रा जम्मू को श्रीनगर से जोड़ता है। कश्मीरी भाषा में 'बनिहाल' का अर्थ है- 'हिमावात'। यह दर्रा डोडा ज़िले में 2,832 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। बनिहाल के मैदानों से कश्मीर घाटी तक पहुँचने का प्रमुख मार्ग है। जम्मू-श्रीनगर सड़क जवाहर सुरंग से होते हुए इस दर्रे में प्रवेश करती है, जो सर्दियों में अक्सर बर्फ़ से बंद रहता है। पहले बनिहाल दर्रे में सामान कुलियों द्वारा पीठ पर ढोया जाता था, जो दिन भर में इसकी यात्रा पूरी करते थे। शीत ऋतु में बनिहाल दर्रा बर्फ से ढका रहता है। वर्ष पर्यन्त सड़क परिवहन की व्यवस्था करने के उद्देश्य से यहाँ 'जवाहर सुरंग' बनायी गई थी, जिसका उद्घाटन 1956 ई. में किया गया था, जिसके कारण अब इस दर्रे का बहुत उपयोग नहीं रह गया।

By bittu parimal

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "Banihal-Qazigund rail link through India's longest railway tunnel opens" [भारत की सबसे लम्बी रेल सुरंग द्वारा बनिहाल-क़ाज़ीगुंड रेल सुविधा शुरू] (अंग्रेज़ी में). इकोनॉमिक टाइम्स. 27 जून 2013. अभिगमन तिथि 29 अगस्त 2013.