बर्लिन संकट

बर्लिन संकट 1958-1962 नवंबर 10, 1958 को सोवियत संघ के नेता निकिता खुश्चेव ने एक भाषण दिया था जिसमें उन्होंने यह मांग की थी कि अमेरिका तथा उसके मित्र राज्य जैसे ग्रेट ब्रिटेन और फ्रांस पश्चिमी बर्लिन पर तैनात सैन्य बल को हटा लें वो भी 6 महीने के अंदर

सन 1962 में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह जर्मन की राजधानी बर्लिन पर कब्जे को लेकर सबसे मुख्य सैन्य- राजनैतिक संकट था जिसमें रूस ने पश्चिमी सेनाओं को पश्चिमी जर्मन से हटने की चेतावनी दी थी जिसकी वजह से स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गयी थी।

यह स्थिति शीत युद्ध का कारण बनी ।।