बहुलाश्व, जनकवंशीय राजा धृति के पुत्र। ये कृति के पिता थे जो महात्मा जनक के वंश के अंतिम राजा हुए। इस नाम के सूर्यवंशी राजा निकुंभ के एक पुत्र भी हुए हैं जो कृशाश्व के पिता थे। मिथिलापति बहुलाश्व के अनुरोध पर नारद जी ने उन्हें श्रीकृष्ण लीला एवं माहात्म्य का कीर्तन सुनाया था। इनकी कथा बृहद्धर्मपुराण तथा श्रीमद्भागवत में दी गई है।