संस्कृत और पालि में निकाय का अर्थ 'संकलन', 'संग्रह', 'समुच्चय' या 'श्रेणी' होता है। इस शब्द का प्रयोग अधिकांशतः सुत्तपिटक के बौद्ध ग्रंथों के लिये किया जाता है।

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