ब्रजभाषा सिनेमा उत्तर भारत में एक क्षेत्रीय फिल्म उद्योग है, यह मुख्य रूप से बृज में सक्रिय है।

इतिहाससंपादित करें

ब्रजभाषा की पहली फिल्म अभिनेता, निर्माता व निर्देशक शिव कुमार के द्वारा वर्ष 1982 में ब्रज भूमि बनाई गई जो कि व्यवसायिक रूप से अत्याधिक सफल रही[1] वर्ष 1984 में सुप्रसिद्ध हास्य कवि काका हाथरसी द्वारा निर्मित और लक्ष्मीनारायण गर्ग द्वारा निर्देशित ब्रजभाषा फिल्म जमुना किनारे प्रदर्शित हुई। वर्ष 2000 में सिद्धार्थ नागर द्वारा निर्मित व निर्देशित ब्रज कौ बिरजू प्रदर्शित हुई। [2][3]

आधुनिक युग (2000-वर्तमान)संपादित करें

21वीं सदी ब्रज सिनेमा के लिए नई संभावनाएं लेकर आई। यहां कई ब्रज फिल्में डीवीडी में रिलीज हुईं। 2010 के बाद अन्तरजाल पर ब्रज की कई फिल्में रिलीज हुईं।

वर्ष 2016 में स्थानीय कलाकारों द्वारा ब्रज सिनेमा के विकास के लिए मथुरा में एक सभा का आयोजन किया गया था। पिछले कुछ वर्षों में, ब्रज में फिल्म निर्माण में वृद्धि हुई है।

चित्रपटसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "ब्रजभाषा की फिल्मों के जनक कहे जाने वाले शिवकुमार का योगदान सिनेमा के लिए हमेशा याद रहेगा". ब्रज पत्रिका.
  2. "संग्रहीत प्रति". मूल से 1 मार्च 2020 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 28 अप्रैल 2020.
  3. "परवान चढ़ने लगा ब्रज सिनेमा, पहले भी मची है ब्रज की धूम". जागरण. मूल से 25 अप्रैल 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 28 अप्रैल 2020.
  4. "Ashwatthama". www.cinestaan.com.
  5. "Myths, Midwives and Motherhood". Indianexpress. मूल से 29 दिसंबर 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 3 मई 2020.