यह प्राचीन भारत के प्रसिद्ध गुप्त राजवंश का राजा था। इनका उल्लेख केवल एरण शिलालेख में तथा मञ्जुश्रीमूलकल्प नामक क्रिया-तन्त्र ग्रन्थ में मिलता है।

भानु गुप्त भारत पर राज्य करने वाले प्रसिद्ध गुप्त राजवंश के प्रारम्भिक गुप्त सम्राटों में से एक था। प्रथम सती होने का प्रमाण 510 ई. के भानु गुप्त के एरण के अभिलेख से मिलता है, जिसमें किसी भोजराज नामक सेनापति की मृत्यु पर उसकी पत्नी के सती होने का उल्लेख है।

'एरण' जो कि मध्य प्रदेश के सागर जिले में विदिशा के निकट बेतवा नदी के किनारे स्थित है। वहाँ से एक अभिलेख प्राप्त हुआ है, जो 510 ई. का है। इसे भानुगुप्त का अभिलेख कहते हैं।