भाबर निम्न हिमालय और शिवालिक की पहाड़ियों के दक्षिणी ओर बसा एक क्षेत्र है[1] जहाँ पर जलोढ़ ग्रेड हिन्द -गंगा क्षेत्र के मैदानों में विलीन हो जाती है।

नामोत्पत्तिसंपादित करें

भाबर नाम एक स्थानीय लम्बी घास यूलालिओप्सिस बिनाता (Eulaliopsis binata) से निकला, जिसका उपयोग कागज़ और रस्सी बनाने के लिए किया जाता है।[2]

इतिहाससंपादित करें

१९०१ में भाबर, नैनीताल जिले के चार भागों में से एक था, जिसमे ४ कस्बे और ५११ ग्राम समाहित थे; और जिसकी संयुक्त जनसंख्या ९३,४४५ थी (१९०१) और यह ३,३१२.६ वर्ग किमी में फैला हुआ था। भौगोलिक रूप से, यह वर्तमान प्रशासनिक उपभाग हल्द्वानी के बराबर है।

भाबर के भूवैज्ञानिक वैशिष्ट्य पूर्णतः भारत के उत्तराखण्ड राज्य के नैनीताल जिले में पड़ते हैं। भाबर के दक्षिण में जलोढ़ फैलाव पड़ता है, तराई

सिंहावलोकनसंपादित करें


सन्दर्भसंपादित करें

  1. भाबर Archived 2008-04-07 at the Wayback Machine नैनीताल का आधिकारिक जालपृष्ठ।
  2. मुख्य प्राकृतिक फाइबर उत्तराखण्ड के देशज - भाबर Archived 2009-06-03 at the Wayback Machine बाँस और फाइवर विकास बोर्ड, उत्तराखण्ड सरकार पोर्टल।

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें