'पूसा संस्थान' के नाम से लोकप्रिय भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की स्थापना मूल रूप से पूसा (बिहार) में एक अमेरिकी समाजसेवक मि. हेनरी फिप्स द्वारा दिये गए 30,000 पाउन्ड् के सहयोग से 1905 में हुई थी। मूल रूप में यह संस्थान 'इम्पीरियल कृषि अनुसंधान संस्थान' (Imperial Agriculture Research Institute) था जो ब्रिटिश काल में में स्थापित किया गया था। सन् १९३४ में बिहार में एक भयंकर भूकंप आया जिसमें इस संस्थान के मुख्य भवनों को काफी क्षति हुई। इसके परिणामस्वरूप उसी वर्ष इस संस्थान को नयी दिल्ली स्थानान्तरित कर दिया गया जिसे 'पूसा कैम्प्स' कहा गया। आगे चलकर दिल्ली स्थित यह संस्थान का नाम 'भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान' (Indian Agricultural Research Institute) कर दिया गया। और पूसा में जो कुछ बचा रहा उसे पदावनत (downgrade) करके 'कृषि अनुसंधान स्टेशन' (agricultural research station) कहा जाने लगा। अन्तत: ३ दिसम्बर सन् १९७० को भारत सरकार ने इसी को नामान्तरित करके 'राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय' के रूप में बदल दिया।

सन् १९२७ में पूसा बिहार स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान का दृश्य

विशेषज्ञतासंपादित करें

  • पानी के प्रबंधन के लिए क्षेत्र आधारित प्रौद्योगिकी का विकास
  • पानी के वितरण और प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक दिशा निर्देश
  • सिंचाई कमांड क्षेत्रों में आउटरीच कार्यक्रम अनुसंधान और प्रशिक्षण,
  • जल विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम

पता:संपादित करें

  • जल प्रौद्योगिकी केन्द्र, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान,
  • पूसा रोड, पिन-110012
  • राज्य- नई दिल्ली
  • फोन: 91 - 11 - 25843375, 25733367
  • फैक्स: 91 - 11 - 25842494

ईमेल: pd_wtc@iari.res.in
aksingh@iari.res.in

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें