भारतीय नौसेना(अंग्रेज़ी: Indian Navy) भारतीय सेना का सामुद्रिक अंग है जो कि 400 वर्षों के अपने गौरवशाली इतिहास के साथ न केवल भारतीय सामुद्रिक सीमाओं अपितु भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति की भी रक्षक है। भारत के राष्ट्रपति इस सेना के सेनापति।

भारतीय नौसेना यह वीर योद्धाओं कि सेना है
भारतीय नौसेना का लोगो.png
Indian Navy crest
सक्रिय1030 – वर्तमान
देशभारत
प्रकारनौसेना
भूमिकानौसैनिक युद्ध ,बल प्रक्षेपण, सीलिफ्ट, परमाणु निरोध
विशालता67,252[1][2]
55,000 रिजर्व सेना[3]
150 जहाज[4][5](सहायक )
अनु.
300 वायुयान
का भागभारतीय सशस्त्र सेनाएँ
मुख्यालयIntegrated Headquarters, Ministry of Defence (Navy)
आदर्श वाक्यशं नो वरुणः (Sanskrit)
Sham No Varunaḥ (IAST)
May the Lord of the Water be auspicious unto us (English)
ColoursNavy blue, white
मार्च (सीमा रक्षा)जय भारती (Victory to India)
वर्षगांठनौसेना दिवस: 4 दिसम्बर
Operational fleet
युद्ध के समय प्रयोग
जालस्थलभारतीय नौसेना
सेनापति
Commander-in-Chiefराष्ट्रपति राम नाथ कोविंद
Chief of the Naval Staff (CNS)एडमिरल करमबीर सिंह, PVSM, AVSM[6]
Vice Chief of the Naval Staff (VCNS)वाइस एडमिरल जी. अशोक कुमार, AVSM, VSM[7]
Deputy Chief of the Naval Staff (DCNS)वाइस एडमिरल रवनीत सिंह, AVSM, NM[8]
प्रसिद्ध
सेनापति
एडमिरल एस. एम. नंदा ,
एडमिरल राम दास कटारी
बिल्ला
Naval ensignNaval Ensign of India.svg
Naval jackFlag of India.svg
प्रयुक्त वायुयान
लड़ाकूमिग-29के
हैलीकॉप्टरध्रुव, का-28, का-31, सी किंग एमके.42सी, यूएच-3 सी किंग, चेतक
यूटिलिटी हैलीकॉप्टरध्रुव
गश्तीबोइंग पी-8 पोसीडों, इल्यूहीन आईएल-38, डोर्नियर 228
आवीक्षीआईएआई हेरोन, आईएआई सर्चर एमके II, जनरल एटॉमिक्स एमक्यू-9बी सीगार्डियन
प्रशिक्षकबीएई हॉक, एचएएल एचजेटी-16, पिपस्ट्रेल वायरस, मिग-29केयूबी

भारतीय नौसेना सन् 1612 ई. में ईस्ट इंडिया कंपनी की युद्धकारिणी सेना के रूप में इंडियन मेरीन संगठित की गई। 1685 ई. में इसका नामकरण "बंबई मेरीन" हुआ, जो 1830 ई. तक चला। 8 सितंबर 1934 ई. को भारतीय विधानपरिषद् ने भारतीय नौसेना अनुशासन अधिनियम पारित किया और रॉयल इंडियन नेवी का प्रादुर्भाव हुआ।


जून 2019, भारतीय नौसेना के पास 67,252 सक्रिय सैनिक और 75,000 रिजर्व सैनिक है और 150 जहाजों और पनडुब्बियों का बेड़ा हैं और 300 विमान हैं।[4][5] अक्टूबर 2020 के अनुसार ऑपरेशनल बेड़े में 1 विमान वाहक, 1 और तैयार हैं (परीक्षण में),1 उभयचर युद्ध पोत, 8 लैंडिंग शिप टैंक, 10 युद्धपोत, 13 फ्रिगेट, 23 कॉरवीट, 1 माइन काउंटर वेसल, 3परमाणु पनडुब्बी, 15 डीजल पनडुब्बी, 140 पेट्रोल वेसल , 4 रिप्लेनिशमेंट ऑयलर, और सहायक जहाज हैं। इसे एक रीजनल पॉवर के तौर पर देखा जाता है जो एक ब्लू-वाटर नवी बनाने में सक्षम हैं।[9][10][11]

इतिहाससंपादित करें

स्वतंत्रताप्राप्ति के समय भारत की नौसेना नाम मात्र की थी। विभाजन की शर्तों के अनुसार लगभग एक तिहाई सेना पाकिस्तान को चली गई। कुछ अतिशय महत्व के नौसैनिक संस्थान भी पाकिस्तान के हो गए। भारत सरकार ने नौसेना के विस्तार की तत्काल योजना बनाई और एक वर्ष बीतने के पहले ही ग्रेट ब्रिटेन से 7, 030 टन का क्रूजर " दिल्ली" खरीदा। इसके बाद ध्वंसक " राजपूत", " राणा", " रणजीत", " गोदावरी", " गंगा" और " गोमती" खरीदे गए। इसके बाद आठ हजार टन का क्रूजर खरीदा गया। इसका नामकरण " मैसूर" हुआ। 1964 ई. तक भारतीय बेड़े में वायुयानवाहक, " विक्रांत" (नौसेना का ध्वजपोत), क्रूजर "दिल्ली" एवं "मैसूर" दो ध्वंसक स्क्वाड्रन तथा अनेक फ्रिगेट स्कवाड्रन थे, जिनमें कुछ अति आधुनिक पनडुब्बीनाशक तथा वायुयाननाशक फ्रिगेट सम्मिलित किए जा चुके थे। " ब्रह्मपुत्र", " व्यास", " बेतवा ", " खुखरी," " कृपाण", " तलवार" तथा " त्रिशूल" नए फ्रिगेट हैं, जिनका निर्माण विशेष रीति से हुआ है। " कावेरी", " कृष्ण" और " तीर" पुराने फ्रिगेट हैं जिनका उपयोग प्रशिक्षण देने में होता है। "कोंकण", "कारवार", "काकीनाडा" "कणानूर", "कडलूर", "बसीन" तथा "बिमलीपट्टम" से सुंरग हटानेवाले तीन स्क्वाड्रन तैयार किए गए हैं। छोटे नौसैनिक जहाजों के नवनिर्माण का कार्य प्रारंभ हो चुका है और तीन सागरमुख प्रतिरक्षा नौकाएँ, "अजय", "अक्षय" तथा "अभय" और एक नौबंध "ध्रुवक" तैयार हो चुके हैं। कोचीन, लोणावला, तथा जामनगर में भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण संस्थान हैं। आई एन एस अरिहन्त भारत की नाभिकीय उर्जा पनडुब्बी है।

संगठन और नेतृत्वसंपादित करें

वर्तमान में एडमिरल कर्मबीरसिंह भारत के नौसेनाध्यक्ष हैं।

बेड़ासंपादित करें

भारतीय नौसेना के बेड़े में निम्न पोत शामिल हैं[12]-

प्रकार पोत के नाम
विमान वाहक
विध्वंसक/विनाशक
फ्रिगेट
कॉर्वेट
पनडुब्बियाँ
परमाणु पनडुब्बियाँ
उभयचर युद्ध पोत
गश्त यान/छोटे युद्धक जहाज
  • सुकन्या श्रेणी - सुकन्या, सुभद्रा, सुवर्णा, सावित्री, शारदा, सुजाता, सरयू, सुनयना, सुमेधा
  • बंगरम श्रेणी - बंगरम, बित्र, बट्टी मल्व, बरतंग
  • त्रिंकट श्रेणी - त्रिंकट, तरस
  • सुपर द्वोरा-II श्रेणी त्वरित आक्रमण यान (फास्ट अटैक क्राफ्ट) - एफएसी टी-80, टी-81, टी-82, टी-83, टी-84
  • कार निकोबार श्रेणी' त्वरित आक्रमण यान (फास्ट अटैक क्राफ्ट)
  • सर्वेक्षण पोत- मकर श्रेणी, संधयक श्रेणी- निरूपक, इन्वेस्टीगेटर, जमुना, सतलज, संधयक, निर्देशक, दर्शक, सर्वेक्षक
सहायक पोत
  • टैंकर- दीपक, ज्योति, आदित्य
  • तारपीडो रिकवरी पोत- अस्त्रवाहिनी (टीआरवी 71), टीआरवी 72
  • अन्य- मातंग, गज, निरीक्षक
ट्रेनिंग/शोध तीर, तरंगिनी, सुदर्शिनी, म्हादे, सागरध्वनि

गतिविधियांसंपादित करें

भारतीय नौसेना का भविष्यसंपादित करें

दुर्घटनासंपादित करें

रैंक और प्रतीक चिन्हसंपादित करें

समकक्ष
NATO कोड
OF-10 OF-9 OF-8 OF-7 OF-6 OF-5 OF-4 OF-3 OF-2 OF-1 OF(D) & Student officer
  भारतीय नौसेना
(Edit)
                             
एडमिरल ऑफ़ द फ्लीट1 एडमिरल2 वाइस एडमिरल रियर एडमिरल कमोडोर कैप्टन (भारतीय नौसेना ) कमांडर लेफ्टिनेंट कमांडर लेफ्टिनेंट सब-लेफ्टिनेंट

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. {{Cite web |url=http://www.news18.com/news/india/20-sailor-shortage-in-navy-15-officer-posts-vacant-in-army-nirmala-sitharaman-tells-parliament-1616303.html
  2. https://pib.gov.in/newsite/PrintRelease.aspx?relid=192200
  3. (Iiss), The International Institute of Strategic Studies (14 February 2017). The Military Balance 2017 (अंग्रेज़ी में). Routledge, Chapman & Hall, Incorporated. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9781857439007.
  4. Dutta, Amrita Nayak (2020-11-18). "Hit by budget crunch, Indian Navy now plans to buy 2 Landing Platform Docks instead of 4". ThePrint (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि 2020-11-27. [...] current strength of 150 ships and submarines.
  5. "FAQ | Department Of Defence". www.mod.gov.in. अभिगमन तिथि 2020-11-27. Q 1. What are the current Force Levels of the Indian Navy? [...] Ans. The Indian Navy’s present force level comprises about 150 ships and submarines. [...]
  6. सन्दर्भ त्रुटि: <ref> का गलत प्रयोग; karambir-cns नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है।
  7. "Vice Admiral G Ashok Kumar assumes charge as Vice Chief of the Naval Staff". Zee News. 30 January 2019. अभिगमन तिथि 30 January 2019.
  8. सन्दर्भ त्रुटि: <ref> का गलत प्रयोग; dcns-ravneet नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है।
  9. Todd, Daniel; Lindberg, Michael (1996). Navies and Shipbuilding Industries: The Strained Symbiosis. Greenwood Publishing Group. पपृ॰ 56–57. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780275953102. अभिगमन तिथि 30 November 2015.
  10. Kirchberger, Sarah (2015). Assessing China's Naval Power: Technological Innovation, Economic Constraints, and Strategic Implications. Heidelberg: Springer. पृ॰ 60. OCLC 911616881. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9783662471272.
  11. "Strength of Defence Forces". pib.gov.in. 24 July 2019. अभिगमन तिथि 16 October 2019.
  12. "संग्रहीत प्रति". मूल से 16 जनवरी 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 22 अगस्त 2014.

सूत्रसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें

चित्र दीर्घासंपादित करें