मुख्य मेनू खोलें

भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग

(भारतीय पुरातत्व विभाग से अनुप्रेषित)

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग, भारत सरकार के संस्कृति विभाग के अन्तर्गत एक सरकारी एजेंसी है, जो कि पुरातत्व अध्ययन और सांस्कृतिक स्मारकों के अनुरक्षण के लिये उत्तरदायी होती है। इसकी वेबसाइट के अनुसार, ए.एस. आई. के प्रकार्यों में राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय महत्व के स्थलों और स्मारकों की खोज, खुदाई, संरक्षण, सुरक्षा इत्यादि आते हैं।

भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग
Archaeological Survey of India.jpg
संक्षेपाक्षर भा.पुरा.सर्वे.वि (ए.एस.आई)
स्थापना १८६१
मुख्यालय जनपथ, नई दिल्ली - ११००११
क्षेत्र served
India
पैतृक संगठन
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार
बजट
662 करोड़ (US$96.65 मिलियन) (2015-2016)[1]
जालस्थल asi.nic.in
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ए.एस.आई.) ब्रिटिश पुरातत्वशास्त्री विलियम जोन्स, द्वारा १५ जनवरी, १७८४ को स्थापित एशियाटिक सोसायटी का उत्तराधिकारी है। सन १७८८ में इसका पत्र द एशियाटिक रिसर्चेज़ प्रकाशित होना आरम्भ हुआ था और सन १८१४ में इसका प्रथम संग्रहालय बंगाल में बना।

ए.एस.आई. अपने वर्तमान रूप में सन १८६१ में ब्रिटिश शासन के अधीन सर अलेक्ज़ैंडर कन्निघम द्वारा, तत्कालीन वाइसरॉय चार्ल्स जॉन कैनिंग की सहायता से स्थापित हुआ था। उस समय इसके क्षेत्र में अफगानिस्तान भी आता था। सन १९४४ में, जब मॉर्टिमर व्हीलर महानिदेशक बने, तब इस विभाग का मुख्यालय, रेलवे बोर्ड भवन, शिमला में स्थित था। स्वतंत्रता उपरांत, यह सन १९५८ की प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष धारा के अन्तर्गत आया।

इस विभाग के पास ३६३६ स्मारक स्थल हैं, जो कि पुरावस्तु एवं कला खजाना धारा १९७२ के अन्तर्गत, राष्ट्रीय महत्व के घोषित हैं। अभी हाल ही में खुदाई में निकले अवशेषों में हर्ष-का-टीला, थानेसर, हरियाणा के अवशेशः हैं। इनसे कुशाण काल से मध्यकाल के भारत की सांस्कृतिक झलक मिलती है।

उदयगिरि की गुफा में पुरातत्व विभाग ग्वालियर राज्य द्वारा लगाया गई सूचना शिला

महानिदेशकसंपादित करें

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियांसंपादित करें

  • "Budget 2016-17 Ministry of Culture". अभिगमन तिथि 9 April 2016.