भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा


आईएण्डएएस या भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा एक भारतीय केन्द्रीय सरकारी सेवा है जो भारत के महालेखापरीक्षक और लेखानियंता के अधीन है और किसी भी कार्यकारी अधिकारी के नियंत्रण से मुक्त है। भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा विभाग के अधिकारी एक लेखा परीक्षण प्रबंधक की हैसियत से कार्य करते हैं। आईएण्डएएस पर केन्द्र और राज्य सरकारों और सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों के खातों के लेखापरीक्षण और राज्य सरकारों के खातों के रखरखाव की जिम्मेदारी होती है। आईएएण्डएएस सरकार का वित्तीय प्रहरी है और सरकार से संबंधित जांच-पड़ताल में यह एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी भूमिका कुछ हद तक अमेरिकी जीएओ और राष्ट्रीय लेखापरीक्षण कार्यालय (यूनाइटेड किंगडम) के समान है।

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भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा।

इस सेवा के लिए भारत के प्रत्येक राज्य के लिए प्रधान महालेखाकार और महालेखाकारों की व्यवस्था है। आम तौर पर प्रत्येक राज्य में लेखापरीक्षण कार्यों के लिए एक प्रधान महालेखाकार प्रभारी होता है। प्रधान महालेखाकार के अलावा प्रत्येक राज्य में लेखांकन और हकदारी संबंधी कार्यों (वेतन, भविष्य निधि, पेंशन इत्यादि) के लिए महालेखाकार प्रभारी भी होता है। बड़े राज्यों में प्रधान महालेखाकार के अलावा एक महालेखाकार (लेखापरीक्षण) भी हो सकता है।

भर्ती और प्रशिक्षणसंपादित करें

आईएएण्डएएस (IA&AS) की भर्ती भारतीय विदेश सेवा, भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस (IRS)) के साथ-साथ संयुक्त प्रतिस्पर्धी परीक्षा (लोक सेवा परीक्षा) के माध्यम से की जाती है।

आईएएण्डएएस में भर्ती होने के बाद अधिकारियों को भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य के शिमला के नैशनल एकेडमी ऑफ ऑडिट एण्ड अकाउंट्स में प्रशिक्षित किया जाता है।

60,000 से अधिक कर्मचारियों वाले भारतीय लेखापरीक्षण एवं लेखांकन विभाग के कर्मचारियों को प्रबंधित करने के लिए आईएएण्डएएस के अधिकारियों को एक लेखाकार एवं लेखापरीक्षक का पेशेवर कौशल ही नहीं बल्कि प्रशासनिक क्षमता भी हासिल करनी पड़ती है। उन्हें जटिल ठेकों की जांच करने, कर एवं राजस्व कानूनों को समझने, वाणिज्यिक संस्थानों की वित्तीय स्थिति का आकलन करने जैसे कार्य करने पड़ते हैं। तेल की खोज की जटिलताओं या किसी परमाणु ऊर्जा संयंत्र की कार्यप्रणाली को समझने और ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा इत्यादि के लिए देशव्यापी योजनाओं के कार्यान्वयन की प्रभावकारिता की व्यापक समीक्षा करने के लिए उद्योग संबंधी ज्ञान की भी जरूरत पड़ सकती है।

अनुमोदित कर्मचारी संख्यासंपादित करें

आईएएण्डएएस संवर्ग की अनुमोदित शक्ति (01.08.2009 के अनुसार) उपलेखानियंता एवं महालेखापरीक्षक: 5 अतिरिक्त उपलेखानियंता एवं महालेखापरीक्षक: 5 प्रधान महालेखाकार: 26 वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड: 107 कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड: 161 (चयन ग्रेड 80 और साधारण ग्रेड 81) वरिष्ठ टाइम स्केल: 256 कनिष्ठ टाइम स्केल: 136

आईएएण्डएएस विदेशगमनसंपादित करें

आईएएण्डएएस अधिकारी मुख्य रूप से राजदूतावास लेखापरीक्षण अर्थात् दुनिया भर में स्थित भारत के राजदूतावासों और उच्चायोगों का लेखापरीक्षण करने के लिए विदेश जाते हैं। हालांकि विशेषज्ञों के रूप में लेखापरीक्षण विभागों में काम करने के लिए आईएएण्डएएस अधिकारियों को मध्य पूर्व (ओमान, यूएई) और अफ़्रीकी देशों (बोत्सवाना) में भेजा जाता है। कई अधिकारी कुछ समय के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ और अन्य संबद्ध एजेंसियों में भी शामिल होते हैं।

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें