भारतीय वन अधिनियम, 1927 मोटे तौर पर पिछले भारतीय वन अधिनियम के आधार पर तैयार किया गया था जो कि ब्रिटिश काल के दोरान कार्यान्वित था। यह उन प्रक्रियाओं को परिभाषित करता है जो किसी क्षेत्र को सुरक्षित वन, संरक्षित वन या ग्राम वन घोषित करती हो। यह जंगल अपराध को परिभाषित करता है, तथा एक आरक्षित वन के अंदर कोनसे कार्य निषिद्ध कृत्यों के अंतर्गत आते है।

अभी इस कानून मै बहुत से सशोधन प्रस्तावित है। कई आदिवासी संगठन लंबे अरसे से इस कानून को रद्द करने की मांग करते रहे है। इसलिए इसमें आदिवासी मामलों के मंत्रालय का सहयोग भी लिया जा रहा है।

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