भारत का केंद्रीय सचिवालय

केंद्रीय सचिवालयसंपादित करें

केद्र सरकार राज्य में प्रशासन की सुविधा के ख्याल से विभिन्न मंत्रालयों व विभागों में बंटा हुआ है अर्थात सरकार के सभी मंत्रालयों एवं विभागों को सम्मिलित रूप से केंद्रीय सचिवालय कहा जाता है। साधारणतयाः सभी विभाग मंत्रालयों के अधीन होते हैं परन्तु कुछ अपवाद भी है। मंत्रालयों के राजनितिक प्रमुख मंत्री होते हैं विभाग-विभाजन प्रणाली (पोर्टफोलियो) के आधार पर मंत्रियों को इनका राजनितिक प्रमुख बनाया जाता है जो राष्ट्रपति की ओर से आदेश जरी कर सकता है। कभी-कभी राज्य मंत्रियों को भी विभागों का प्रमुख बनाया जाता है। इन मंत्रालयों का प्रशासनिक प्रमुख सचिव होते हैं। सचिवालय भी मंत्रिपरिषद की तरह ही एक स्वतंत्र निकाय के रूप में कार्य करता है एवं सामूहिक तौर पर जिम्मेदार होता है, यानि सचिवालय का कोई भी विभाग अपने मामलों के निपटने के पहले अन्य सम्बंधित/दिलचस्पी रखने वाले विभग से राय लेता है और इस तरह से सचिवगण किसी खास मंत्री के सचिव न होकर संघ सरकार के सचिव होते हैं।