भोर वह समय है जो सूर्योदय से पहले गोधूलि की आरम्भ का प्रतीक है। यह पृथ्वी का वायुमण्डल में बिखरे हुए अप्रत्यक्ष सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति से पहचाना जाता है, जब सौर चक्रिका का केन्द्र प्रेक्षक के क्षितिज से 18 डिग्री नीचे पहुँच गया है।[1] यह प्रातःकाल की गोधूलि अवधि सूर्योदय तक रहेगी, जब सीधी धूप विसरित प्रकाश को पार कर जाएगी।

भारत में भोर

कला में भोर

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विलियम अदॉल्फ़ बूगरो द्वारा लोरॉर (L'Aurore)
  1. "Twilight, Dawn, and Dusk". www.timeanddate.com (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि 2023-02-14.