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भ्रमरगीत सार आचार्य रामचन्द्र शुक्ल द्वारा सम्पादित हिन्दी ग्रन्थ है। उन्होने सूरसागर के भ्रमरगीत से लगभग 400 पदों को छांटकर उनको 'भ्रमरगीत सार' के रूप में संग्रह किया था।

सन्दर्भसंपादित करें

"भ्रमरगीतसार" संपादक आचार्य रामचंद्रशुक्ल, उप संपादक विश्वनाथ प्रसाद मिश्र (नागरी प्रचारिणी ग्रंथमाला-83,वाराणसी नई दिल्ली कविशिरोमणि महात्मा सूरदासकृत)

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