मांगोलिज्म – यह रोग भी अर्धसूत्री विभाजन में अनियमितता के कारण ही होता है। अर्धसूत्री विभाजन में आटोसोम का बंटवारा सही प्रकार से नहीं हो पाने के कारण बने जाइगोट में गुणसूत्रों की स्थिति असामान्य हो जाती है। इस तरह जाइगोट से निर्मित भ्रूण की कुछ समय बाद ही मृत्यु हो जाती है। यदि जीवित रह भी जाए तो मंद बुद्धि, टेढ़ी आँखें, मोती जीभ और नियमित शारीरिक ढाँचे वाला होगा।

वर्तमान समय में इसे 'मंगोलिज्म' नहीं कहा जाता, बल्कि डाउन सिन्ड्रोम कहते हैं।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

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