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रेशम मार्ग और मसाला व्यापार मार्ग ये दो आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण मार्ग थे। जब १४५३ में ऑटोमान साम्राज्य का उदय हुआ तो उसने इन मार्गों को प्रतिबन्धित कर दिया। परिणाम यह हुआ कि यूरोपीय लोग नए मार्गों की खोज करने में जुट गये जिससे अफ्रीका से होकर भारत तक के लिए समुद्री मार्ग का पता लगाया गया और खोज का युग आरम्भ हुआ।

मसाला व्यापार से आशय एशिया और उत्तरपूर्वी अफ्रीका तथा यूरोप की सभ्यताओं के बीच व्यापार से है।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें