इतिहासविद डॉ रमेन्द्रनाथ मिश्र के अनुसार १८७५ में राजनांदगांव के राजा महंत घासीदास ने छत्तीसगढ़ के पुरावैभव के संग्रह हेतु इसकी स्थापना की थी। यह मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के सबसे प्राचीन संग्रहालयो में से है। यह भारत के आठ प्राचीन संग्रहालयों में से एक है। संग्रहालय के अन्तर्गत राजा महंत सर्वेश्रवरदास ग्रंथालय राज्य के सबसे पुराने ग्रंथालयों में से एक है।