महाराष्ट्रीय ज्ञानकोश मराठी का प्रथम विश्वकोश था। डॉ श्रीधर व्यंकटेश केतकर इसके प्रधान सम्पादक थे। इस विश्वकोश पर १९१६ में कार्य आरम्भ हुआ और १९२८ में यह समाप्त हुआ।

संरचनासंपादित करें

महाराष्ट्रीय ज्ञानकोश २३ भागों में प्रकाशित हुआ। प्रथम ५ भाग परिचयात्मक थे और इनमें विभिन्न सामाजिक एवं ऐतिहासिक विषयों पर लम्बे-लम्बे लेख थे। प्रथम पाँच भागों के नाम निम्नलिखित थे-

भाग-१ : हिंदुस्तान अाणि जग (भारत एवं विश्व)
भाग-२ : वेदविद्या
भाग-३ : बुद्धपूर्व जग
भाग-४ : बुद्धोत्तर जग
भाग-५ : विज्ञानेतिहास (विज्ञान का इतिहास)

भाग-६ से भाग-२१ में वर्णरम से व्यवस्थित छोटे-छोटे लेख थे। भाग-२२ में अनुक्रमणिका या सूची दी गयी थी। भाग-२३ (अन्तिम भाग ) का नाम हिन्दुस्थान था जिसमें भारत के बारे में अतिरिक्त सामग्री दी गयी थी।

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें