माउस की भीतरी संरचना

'माउस' संगणकों में इस्तेमाल होने वाला एक इनपुट उपकरण है। यह कर्सर को चलाकर पटल के वांछित स्थान पर उसे ले जाने तथा इसका नोद्य (बटन) दबाकर उचित विकल्प चुनने में मदद करता है। यह एक छोटा सा यन्त्र है जो कड़े समतल सतह पर हथेली में पकड़कर चलाया जा सकता है। इसमें कम से कम एक नोद्य (बटन) लगा रहता है और कभी-कभी तीन से पाँच नोद्य (बटन) तक लगे रहते हैं। इसमे साधारणत: दो नोद्य तथा पटल (स्क्रीन) पर कर्सर (वैकल्पिक पेंसिल) उपर नीचे ले जाने के लिए एक गोलाकार नोद्य होता है। यह विशेषकर चियोसा (ग्राफिकल यूज़र इन्टरफेस) के लिए महत्वपूर्ण है।यह (GUI) ग्राफिकल यूजर इंटरफेस में सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाली प्वाइंटर इनपुट डिवाइस है जिसको नई तकनीक में 1980 के बाद ही लाया गया |

जब हमें कम्प्यूटर पर दिखाई दे रही किसी वस्तु को छूना या उसे चुनना होता है तो ऐसा हम माउस की मदद से करते हैं। माउस को हिलाने से उसके नीचे लगा गोलाकार पहिया स्क्रीन पर दिख रही पेंसिल/तीर (कर्सर) को उपर या नीचे जाने का निर्देश भेजता है। जब हम माउस के उपर लगे बटन को दबाते हैं तो उस वक्त पटल पर तीर जिस वस्तु के उपर होता है वह चुन ली जाती है। जैसे इस पृष्ठ पर दिये हुए किसी कडी तक हमें जाना है तो अपने माउस को हिलाकर तीर को वहाँ तक ले जाना होगा। फिर बटन दबाकर (क्लिक करने) से हम उस कडी को चुनते हैं।

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