मानवता एक सद्गुण है जो मूल रूप से दूसरों के हित आधारित, अर्थात परहितवादी नैतिकता से संबंधित है। इसकी उत्पत्ति मानव अस्तित्व की मूलभूत दशाओं की समझ से होती है और इसमें एक मनुष्य द्वारा दूसरे मनुष्य के प्रति करुणा और प्रेम की भावनाएँ निहित हैं।