मारीचि, जिसका बायर नामांकन "एटा अर्से मॅजोरिस" (η UMa या η Ursae Majoris) है, सप्तर्षि तारामंडल का दूसरा सबसे रोशन तारा और पृथ्वी से दिखने वाले सभी तारों में से ३८वाँ सब से रोशन तारा है। यह हमसे १०१ प्रकाश-वर्ष की दूरी पर स्थित है और पृथ्वी से इसका औसत सापेक्ष कांतिमान (यानि चमक का मैग्निट्यूड) १.८५ है।[1]

सप्तर्षि तारामंडल में मारीचि तारे (η UMa) का स्थान

अन्य भाषाओं मेंसंपादित करें

मारीचि को अंग्रेज़ी में "ऐल्केड" (Alkaid) भी कहा जाता है। यह अरबी भाषा के "क़ाइद बिनात नअश" (قائد بنات نعش‎) से लिया गया है जिसका अर्थ "शोक मनाती बेटियाँ" है।

वर्णनसंपादित करें

मारीचि एक नीले-सफ़ेद रंग का B3 V श्रेणी का मुख्य अनुक्रम तारा है। इसकी सतह का तापमान २२,००० कैल्विन है जो कि काफ़ी अधिक है। बिना दूरबीन के दिख जाने वाले तारों में यह सब से गरम गिना जाता है। मारीचि की निहित चमक (निरपेक्ष कान्तिमान) सूरज की ७०० गुना है। इसका द्रव्यमान हमारे सूरज के द्रव्यमान का लगभग ६ गुना और व्यास हमारे सूरज के व्यास का १.८ गुना है।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Mike Lynch. "Wisconsin starwatchEssential guide to our night sky, Mike Lynch". Voyageur Press, 2005. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780896587236.