इस चित्रकला शैली का विकाश मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र में हुआ इसीलिए इसे मालवा शैली के नाम से जाना जाता है यह एक प्रकार से राजपूत सैली का ही हिस्सा है क्योंकि इसमें भी चित्र कला की मुख्या विषय वस्तु राजा युद्ध आदि है