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मूलाचार पहली शताब्दी (ईसा पूर्व) में लिखा गया एक प्रमुख जैन ग्रन्थ हैं। यह दिगम्बर जैन सम्प्रदाय का प्रमुख ग्रंथ है। इसके रचयिता आचार्य वट्टकेर हैं। यह बारह अधिकारों में विभक्त प्राकृत भाषा की १२४३ गाथाओं में निबद्ध है।

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